मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना में लाभार्थी चयन हेतु दिशा निर्देश
1. योजना के क्रियान्वयन हेतु स्थानीय एक परिवार में एक ही लाभार्थी का चयन किया जायेगा जिसकी आयु 18 वर्ष या इससे अधिक हो तथा स्वयं के नाम पर अथवा पैतृक सम्पत्ति में वृक्षारोपण एवं कीटपालन गृह निर्माण हेतु पर्याप्त उपर्युक्त भूमि धारक हों एवं आधार नम्बर सहित राष्ट्रीयकृत बैंक में स्वयं का खाता धारक हो।
2. रेशम फार्मों के आस-पास रेशम उत्पादन के लिए भौगोलिक रूप से अनुकूल गांव का चयन कर उन गावों में कार्मिकों द्वारा ग्राम स्तरीय बैठक कर रेशम उत्पादन की समुचित जानकारी उपलब्ध करायी जायेगी।
3. कृषकों का चयन उन्हीं ग्राम से किया जाये जहां कम से कम 05 एकड़ क्षेत्रफल के शहतूत वृक्षारोपण हेतु 05 कृषक (एक एकड़) या 10 कृषक (आधा एकड़) तैयार हो, इन ग्रामों को रेशम ग्राम के रूप में विकसित किया जाये।
4. योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदक को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन करना होगा।
5. अनुदानित लाभार्थी को कम से कम 05 वर्ष योजना में रेशम उत्पादन का कार्य करना अनिवार्य होगा जिसके लिये विभाग के साथ अनुबन्ध कराना होगा।
6. शहतूत नर्सरी पौध विभाग द्वारा चयनित कृषकों को उपलब्ध करायी जायेगी।
7. अनुदान सहायता प्राप्त करने के प्रत्येक लाभार्थी एवं रेशम विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के कार्यों के सम्पादन हेतु अनुबन्ध की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जायेगी। अनुबन्ध पर हस्ताक्षर के लिये रेशम विभाग के प्रतिनिधि के रूप में सम्बन्धित जनपद उप निदेशक / सहायक निदेशक (रेशम) अधिकृत होगे।
8. लाभार्थी को वृक्षारोपण एवं कीटपालन गृह निर्माण हेतु अनुदान सहायता धनराशि का भुगतान पी०एफ०एम०एस० / डी०बी०टी० के माध्यम से ही खाते में उपलब्ध कराया जायेगा तथा उपकरण कैश / काइन्ड के रूप में उपलब्ध कराया जायेगा।
9. वृक्षारोपण हेतु अनुदान सहायता 02 किश्तों में दी जाय। प्रथम किश्त वृक्षारोपण के समय तथा द्वितीय किश्त की धनराशि 06 माह उपरान्त 80 प्रतिशत जीवितता के आधार पर लाभार्थी के खाते में हस्तान्तरित की जायेगी।
10. जिन लाभार्थियों के यहाँ संचालित मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना से निर्धारित मानक के अनुसार शहतूत वृक्षारोपण कराया गया है उन्हीं सफल लाभार्थियों को निर्धारित मानक के अनुसार अगले वर्ष कीटपालन गृह निर्माण की सहायता एवं कीटपालन उपकरण उपलब्ध कराये जायेंगे।
11. कीटपालन गृह का निर्माण कराते समय यह सुनिश्चित किया जाय कि कीटपालन गृह में 02 हवादार खिड़कियां तथा फर्श लेवल से न्यूनतम 10 फीट की ऊँचाई पर छत रखी जाये तथा केन्द्रीय रेशम बोर्ड के निर्धारित नक्शे के अनुसार ही कीटपालन गृह का निर्माण कराया जाय।
12. लाभार्थी द्वारा अनुदान प्राप्ति के उपरान्त यदि योजना के अनुरूप कार्य नहीं किया जाता है तो दी गयी अनुदान सहायता धनराशि संबंधित से नियमानुसार वसूली की जायेगी।
13. योजनान्तर्गत जिला स्तरीय गठित टास्क फोर्स से अनुमोदन प्राप्त करते हुए लाभार्थियों का चयन किया जायेगा।
14. भूमि निरीक्षण, वृक्षारोपण तथा वृक्षारोपण के उपरान्त तीनों लेवल (रिक्त भूमि, वृक्षारोपण, 06 माह बाद 80 प्रतिशत जीवितता) की जियो टैगिंग की जायेगी।
15. कीटपालन भवन के निर्माण के पूर्व भूमि सत्यापन एवं कीटपालन भवन के समय प्रत्येक स्तर (भूमि लेवल, लेन्टर एवं पूर्ण कीटपालन भवन) की जियो टैगिंग की जायेगी।
16. कीटपालन उपकरणों को उपलब्ध करातें समय जियो टैगिंग करायी जायेगी।
17. आवेदक को ऑनलाईन आवेदन के साथ इस आशय का शपथ पत्र / प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा कि उनके द्वारा रेशम विभाग द्वारा संचालित किसी अन्य योजना से अनुदान सहायता / लाभ प्राप्त नहीं की गयी है या कर रहे है। यदि पूर्व में लाभ प्राप्त हुआ है तो योजनान्तर्गत उपलब्ध करायी गयी धनराशि चयनित लाभार्थी से वापस कर ली जायेगी।
18. योजना का क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण जनपदीय सहायक निदेशक/ उप निदेशक रेशम द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा। योजना का क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण मुख्यालय के नामित अधिकारियों / नोडल अधिकारियों द्वारा समय-समय पर औचक निरीक्षण करते हुए किया जायेगा।
19. जनपदीय अधिकारी द्वारा अनुदान सहायता देने से पूर्व यह भी सुनिश्चित किया जाये कि चयनित लाभार्थी / कृषक लाभार्थी अंश के रूप में श्रमांश / प्रस्तावित धनराशि स्वयं वहन करने में सक्षम है तथा रेशम कियाकलाप के लिये इच्छुक है।
20. राज्य ग्रामीण अजीविका मिशन के समूह के अन्तर्गत कार्यरत महिला सदस्यों को योजनान्तर्गत चयन में विशेष प्राथमिकता दी जाये तथा समूह सदस्य के पति/पिता के नाम भूमि होने की स्थिति में ही चयन किया जायेगा।
21. रेशम सहकारी समितियों को भी प्राथमिकता दी जाये।
22. सर्वप्रथम लाभार्थी / समूह सदस्य ऑनलाईन आवेदन करेगा फिर विभाग के उप निदेशक/सहायक निदेशक (रेशम) की अध्यक्षता में जिसमें सम्बन्धित क्षेत्र के बी.एम.एम. / डी.एम.एम. भी सदस्य होगा ऑनलाईन आवेदन की स्क्रूटनी कर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला टास्क फोर्स द्वारा अन्तिम चयन को उप निदेशक/सहायक निदेशक (रेशम) द्वारा ऑनलाईन अनुमोदित किया जायेगा।
23. निर्धारित मानकों को पूरा कर रहे लाभार्थियों को प्रथम आवत प्रथम पावत के आधार पर चयन किया जायेगा।