प्रशिक्षण

प्रशिक्षण-ः

योजना में सम्मिलित कृषकों को वृक्षारोपण एवं उसके रख-रखाव व रेशम कोकून तथा कोया उत्पादन व विपणन के लिए निपुण बनाने के लिए सभी कृषकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण स्थानीय स्तर (रेशम फार्मों पर) पर उनके ही गांव में ही दिए जाने का प्रस्ताव है तथा प्रगतिशील 20 प्रतिशत कृषकों का चयन कर उनको प्रशिक्षण संस्थान मिर्जापुर में 5 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित है।

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